Gold Import Rules : भारत और दुबई (UAE) के बीच सोने का व्यापार हमेशा से चर्चा में रहा है। भारतीयों के लिए दुबई से सोना खरीदना न केवल एक शौक है, बल्कि मुनाफे का सौदा भी माना जाता रहा है। लेकिन, साल 2026 की नई आयात नीति ने इस पूरे खेल के नियम बदल दिए हैं। केंद्र सरकार ने सोने-चांदी के आयात (Gold-Silver Import) को लेकर ऐसे कड़े नियम लागू किए हैं, जिससे तस्करी और टैक्स चोरी करने वालों को तगड़ा झटका लगा है।
आइए जानते हैं कि सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले का आपकी जेब और सर्राफा बाजार पर क्या असर पड़ेगा।
प्लैटिनम के नाम पर ‘सोनिया’ का खेल?
अब तक कुछ शातिर आयातक एक बड़ा ‘लूपहोल’ इस्तेमाल कर रहे थे। वे दुबई से 90% से अधिक शुद्धता वाला सोना ‘प्लैटिनम मिश्र धातु’ (Platinum Alloy) बताकर भारत लाते थे।
ऐसा क्यों किया जाता था? भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत प्लैटिनम पर आयात शुल्क (Import Duty) सोने के मुकाबले काफी कम था। व्यापारी कम टैक्स देकर इसे भारत लाते और फिर रिफाइनिंग के जरिए शुद्ध सोना निकाल लेते थे। इससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा था।
सरकार का मास्टरस्ट्रोक: 2026 के नए नियम
सरकार ने इस धांधली को रोकने के लिए 2026 के बजट प्रावधानों में सख्त बदलाव किए हैं:
- HS कोड में तकनीकी बदलाव: अब केवल उसी धातु को ‘प्लैटिनम’ माना जाएगा जिसमें न्यूनतम 99% शुद्ध प्लैटिनम हो। इससे सोने को प्लैटिनम बताकर लाने की गुंजाइश खत्म हो गई है।
- पाउडर और कच्चे रूप पर पाबंदी: सोने-चांदी के पाउडर स्वरूप या अर्ध-निर्मित (Semi-manufactured) वस्तुओं के सीधे आयात पर अब कड़ा पहरा है।
- अधिकृत एजेंसियां ही करेंगी व्यापार: अब केवल सरकार द्वारा नियुक्त एजेंसियां, पात्र ज्वेलर्स और वैध CEPA लाइसेंस धारक ही इस समझौते का लाभ उठा सकेंगे।
क्या आम आदमी अब भी ला पाएगा सस्ता सोना?
दुबई जाने वाले पर्यटकों के मन में अक्सर यह सवाल होता है कि क्या वे अब सोना नहीं ला पाएंगे?
- व्यक्तिगत खरीदारी: यात्रियों के लिए जो मौजूदा कस्टम ड्यूटी फ्री लिमिट है, वह वैसी ही रहेगी। यह नया नियम मुख्य रूप से व्यावसायिक (Commercial) और अवैध आयात को लक्षित करता है।
- बाजार भाव पर असर: तस्करी का सोना बाजार में कम आने से कीमतों में पारदर्शिता आएगी। हालांकि, वैध आयात की लागत बढ़ने से स्थानीय बाजार में सोने के भाव स्थिर या थोड़े तेज रह सकते हैं।
- शुद्धता की गारंटी: नए नियमों के बाद बाजार में केवल हॉलमार्क और अधिकृत माध्यमों से ही सोना पहुंचेगा, जिससे ग्राहकों को धोखाधड़ी से सुरक्षा मिलेगी।
देश की अर्थव्यवस्था को क्या होगा फायदा?
सरकार का मुख्य उद्देश्य ‘मेक इन इंडिया’ के तहत घरेलू गोल्ड रिफाइनिंग उद्योग को बढ़ावा देना है। अवैध तरीके से आने वाले सोने के कारण स्थानीय रिफाइनरियों को नुकसान हो रहा था। अब केवल RGI (Registrar General of India) और आधिकारिक चैनलों के जरिए ही सोना देश में आएगा, जिससे टैक्स चोरी रुकेगी और देश का राजस्व बढ़ेगा।
बदल गया सोने का बाजार
भारत सरकार का यह कदम सर्राफा बाजार के लिए एक ‘क्लीन-अप’ ऑपरेशन की तरह है। दुबई से सस्ता सोना लाने का जो ‘चोर दरवाजा’ खुला था, उसे अब पूरी तरह सील कर दिया गया है। इससे न केवल ईमानदार व्यापारियों को समान अवसर मिलेंगे, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।