Budget 2026 Update: मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को इस बार के केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नई कर व्यवस्था को और आकर्षक बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण छूटों को शामिल किया जा सकता है, जिससे टैक्स बचत बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
नई दिल्ली: 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन संसद में वर्ष 2026 का बजट पेश करने वाली हैं। पिछले साल के बजट में 12 लाख रुपये तक की आय पर कर छूट देकर सरकार ने वेतनभोगी वर्ग को बड़ा राहत पैकेज दिया था। अब 2026 के बजट से मध्यम वर्ग की अपेक्षाएं और बढ़ गई हैं। जानकारों के अनुसार, इस बार कर-मुक्त आय की सीमा को 12 लाख से बढ़ाकर सीधे 17 लाख रुपये तक किया जा सकता है। इससे लाखों करदाताओं को फायदा होगा और उनकी क्रय शक्ति में इजाफा होगा।
नई कर व्यवस्था बनेगी ‘गेम चेंजर’
सरकार नई टैक्स रिजीम को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, और वर्तमान में 90% से ज्यादा करदाते इसी विकल्प को चुन रहे हैं। हालांकि, घरेलू कर्ज लेने वाले और वरिष्ठ नागरिक अभी भी पुरानी व्यवस्था को तरजीह देते हैं, क्योंकि वहां ज्यादा छूटें उपलब्ध हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए बजट में नई व्यवस्था में कुछ चुनिंदा कटौतियों को जोड़ा जा सकता है, जिससे ज्यादा लोग इसे अपनाएं।
संभावित 5 बड़े बदलाव: वेतनभोगियों को कैसे मिलेगा लाभ?
- स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी: फिलहाल नई रिजीम में 75,000 रुपये की स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलती है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए इसे 1 लाख से 1.25 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। इससे आम आदमी की जेब पर बोझ कम होगा।
- होम लोन और एजुकेशन लोन पर राहत: नई व्यवस्था में होम लोन के ब्याज पर कोई छूट नहीं है, जो घर खरीदने वालों के लिए बड़ा नुकसान है। इस साल अगर इस पर कर छूट दी जाती है, तो रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी आएगी और घर खरीदना आसान हो जाएगा।
- हेल्थ इंश्योरेंस (मेडिक्लेम) पर लाभ: चिकित्सा खर्चों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसलिए, नई टैक्स रिजीम में स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर कर छूट की मांग जोरों पर है। यह बदलाव परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करेगा।
- लंबी अवधि की निवेश पर छूट: शेयर बाजार में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर छूट की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया जा सकता है। इससे निवेशक ज्यादा सक्रिय होंगे और बाजार में स्थिरता आएगी।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सवलत: स्वास्थ्य व्यय और बुनियादी छूट की सीमा बढ़ाकर सरकार वरिष्ठ नागरिकों को नई रिजीम की ओर आकर्षित कर सकती है। इससे उनकी पेंशन और बचत पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
17 लाख तक की आय कैसे बनेगी टैक्स-फ्री?
नीचे दी गई तालिका में देखिए कि विभिन्न छूटों के जरिए कैसे कुल आय पर कर शून्य हो सकती है:
| छूट का प्रकार | संभावित राहत (₹) |
|---|---|
| मूल कर-मुक्त सीमा | 12,00,000 |
| स्टैंडर्ड डिडक्शन | 1,00,000 |
| होम लोन (ब्याज और मूलधन) | 3,50,000 |
| हेल्थ इंश्योरेंस | 50,000 |
| कुल कर-मुक्त आय | 17,00,000 |
यह बदलाव अगर लागू होते हैं, तो मध्यम वर्ग के लिए यह बजट ऐतिहासिक साबित हो सकता है। हालांकि, ये सिर्फ अपेक्षाएं हैं; वास्तविक घोषणाओं के लिए 1 फरवरी का इंतजार करना होगा। अगर आप टैक्स प्लानिंग कर रहे हैं, तो इन संभावनाओं को ध्यान में रखें और विशेषज्ञ सलाह लें।






